गुजरात राज्यसभा चुनाव में अमित शाह का षड़यंत्र नाकाम, अहमद पटेल ने जीत दर्ज की

गुजरात में राज्यसभा के तीन सीटों के लिए हुए चुनाव में आख़िरकार कांग्रेस नेता और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार अहमद पटेल  जीत ही गए।
Photo Credit: IndiaToday

राजनीतिक हिसाब से अहमद पटेल की इस जीत से कांग्रेस को नई शक्ति और बल मिला है।

दूसरी ओर अमित शाह और स्मृति ईरानी की जीत पक्की मानी जा रही थी लेकिन भाजपा की चुनाव रणनीतियों को देखते हुए अहमद पटेल की जीत को लेकर कई तरह की कयास लगाए जा रहे थे। 

मंगलवार को दिन भर चले सियासी ड्रामा के बाद देर रात घोषित चुनावी नतीजों में अहमद पटेल जीत गए। उन्हें कुल 44 वोट मिले। भाजपा की ओर से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी जीत दर्ज की। दोनों को 46-46 वोट मिले हैं।

अहमद पटेल की यह जीत को भाजपा के लिए झटका माना जा रहा है। भाजपा ने कांग्रेस से आए नेता बलवंत सिंह राजपूत को अहमद पटेल के ख़िलाफ़ उम्मीदवार बनाया था।

राज्यसभा चुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए शंकर सिंह वाघेला ने तो यहां तक कह दिया था कि कांग्रेस के 44 में से तीन-चार विधायक टूटेंगे और अहमद पटेल अपना चुनाव हार जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहता इसलिए अहमद पटेल को वोट नहीं दिया।


चुनाव आयोग ने देर रात कांग्रेस के दो बागी विधायकों राघवभाई पटेल और भोलाभाई गोहिल के वोट रद्द कर दिए जिसके बाद अहमद पटेल ने जीत दर्ज की। दोनों विधायकों पर आरोप था कि उन्होंने अपना वोट पोलिंग एजेंट को दिखाने की जगह अमित शाह को दिखाए ।

कांग्रेस ने इस मुद्द पर दिल्ली मुख्य चुनाव आयोग के दफ्तर में अपने दिग्गज नेताओं को भेजकर दोनों बागियों के वोट रद्द करने की मांग की थी। इसके जवाब में तमाम भाजपा के बड़े मंत्री आयोग के दफ्तर पहुंचे और मतगणना कराने की मांग की।


दोनों दलों के बीच मचे सियासी ड्रामे के बाद रात तकरीबन 11:30 बजे चुनाव आयोग ने कांग्रेस के दोनो बागी विधायकों के वोट रद्द करते हुए मतगणना शुरू करने के आदेश दिए थे, लेकिन भाजपा ने जबरन मतगणना रुकवा दी थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया की गुजरात के रिटर्निंग अफसर भाजपा के दबाव में काम कर रहे। बाद में किसी भी तरह 2 बजे मतगणना दुबारा शुरू हुई और परिणाम घोषित किये गए।

बता दे कि कांग्रेस विधायक राघवभाई पटेल और भोलाभाई गोहिल ने अपने मतपत्र कथित तौर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिखाया, जिसे चुनाव आयोग ने सही मानते हुए दोनों बागियों के वोट रद्द कर दिए। कॉंग्रेस ने सबूत के तौर पर एक वीडियो भी चुनाव आयोग को सौंपी थी।


कांग्रेस के दोनों बागियों के वोट रद्द होने के बाद 176 विधायकों के वोटों की संख्‍या 174 हो गई। यानी अब हर प्रत्‍याशी को जीतने के लिए सिर्फ 44 वोटों की ज़रूरत थी। 176 विधायकों पर जीत के लिए कुल 45 वोट चाहिए थे, जो बाद में घटकर 44 होगए और अहमद पटेल की जीत हुई।

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