बीजेपी-जेडीयू नेताओं द्वारा किये गए 1000 करोड़ के सृजन घोटाले पर क्यों चुप है मीडिया ??

हाल ही में भागलपुर में सृजन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है| इस 1000 करोड़ के घोटाले में बीजेपी-जेडीयू के नेता कटघरे में नजर आ रहे हैं| लेकिन गौर करने वाली बात है कि किसी भी मीडिया द्वारा इस मुद्दे को उस तरीके से नहीं उछाला जा रहा जिस तरह बीजेपी के विरोधी पार्टियों के मामले पर उछाला जाता है|

Nitish Kumar and Sushil Modi Photo:India Today


बिहार का सृजन घोटला बहुत ही यूनिक है। विकलांगों के फंड को एनजीओ को डायवर्ट कर दिया गया और एनजीओ ने उस पैसे को सूद पर लगा दिया। कितनी शर्मनाक हरकत है यह इसका अंदाजा लगा सकते हैं आप।

सभी सरकार अपनी योजनाओं को चलाने के लिए आवंटित फंड को बैंक में रखती है। इसमें सरकार को ब्याज नहीं मिलता है। बिहार सरकार भी रखती थी तभी सृजन नामक एक एनजीओ  एक आयडिया के साथ 2007 में सामने आई। उसने साजिश रची कि सरकार का फंड उसके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाए|

कुछ "बड़े लोगों" की मदद से बैंक,प्रशासन सरकार के फंड को सृजन अकाउंट में ट्रांसफर करने लगे!सृजन उस पैसे को रियल इस्टेट और सूद पर लगाने लगा| लेकिन इतनी चालाकी थी कि जब भी सरकार को इमरजेंसी फंड की जरूरत होती थी तो उसे सृजन उतना फंड फिर ट्रांसफर देता था।

जरुर पढ़ें- अगस्त में बच्चे मरते ही हैं!"-यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का शर्मनाक बयान

पिछले 9 सालों से यह खेल चलता रहा और सृजन ने करोड़ों रुपये सूद में कमाए।दूसरे धंधे में भी लगाए सरकार के फंड को अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाकर| लेकिन पिछले महीने यह घोटाला सृजन-लोकल प्रशासन की गलती से सामने आ गया। सरकार का चेक बाउंस कर गया क्योंकि पैसा ट्रांसफर हो चुका था| लगभग 100 करोड़ का सरकारी चेक जब बाउंस किया तो सभी हैरान हो गये कि यह कैसे हुआ। जब अकाउंट चेक हुआ तो पता चला पैसा सृजन को ट्रांसफर हो गया|  यह मामला सिर्फ एक जिले का है। यहीं से सृजन घोटाले की परतें खुलने लगी। अब यह पता चला कि 2008 से एक दर्जन जिले में चल रहा है|

भागलपुर एसपी ने बयान दिया कि सिर्फ उनके जिले में अब तक 1000 करोड़ रुपया की गड़बड़ी सृजन घोटाले में सामने आयी। अभी जांच पूरी भी नहीं हुई है| सृजन ने सरकार के फंड से  9 सालों में 5000 करोड़ से अधिक की प्रोपर्टी बनायी।अभी भी सरकार के अकाउंट से 500 करोड़ कहां गये,किसी को पता नहीं है|

सृजन की फाउंडर महिला मनोरमा देवी और उनका परिवार खास पार्टी से जुड़ा रहा है। मनोरमा देवी अब जिंदा नहीं है| विपक्ष का आरोप है कि इन दौरान सुशील कुमार मोदी वित्त मंत्री रहे तो ऐसे में उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। बाढ़ के कारण अभी जांच सुस्त है

दिलचस्प बात है कि सृजन का मोडस ऑपरंडी पूरी तरह चारा घोटाले की तरह है। उसी तरह ट्रेजरी को यूज किया गया है। बहुत बड़ा नेटवर्क भी शामिल।

जरुर पढ़ें- नीतीश जी का DNA पहले खराब था या अब है, देश को बताएं मोदी जी ....तेजस्वी यादव ने किया सवाल 

किस विभाग में कितने का हुआ घोटाला  
- भू अर्जन : 275 करोड़
- नजारत : 93 करोड़
- को-ऑपरेटिव : 48  करोड़
- जिला परिषद, डीआरडीए : 56 करोड़

- डूडा : 10 करोड़
- कल्याण : 6 करोड़ (हो चुकी है)
- कल्याण : 100 करोड़ (FIR दर्ज होना बाकी है )
- स्वास्थ्य : 50 लाख
- सहरसा (विशेष भू अर्जन) : 162 करोड़ (बाद में खाते में राशि आ गई)

Powered by Blogger.