बीजेपी के सदस्यों द्वारा फर्जी फोटो का इस्तेमाल कर चंडीगढ़ छेड़छाड़ कांड की पीड़िता को बदनाम किया जा रहा है


बीजेपी प्रवक्ता शाइना, सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल, फर्जी समाचार फैलाने वाली साइट पोस्टकार्ड की लेखिका रूपा मूर्ति और बीजेपी सोशल मीडिया टीम के सदस्य विवेक बंसल उनलोगों में से एक हैं, जो एक पुरानी तस्वीर का इस्तेमाल कर चंडीगढ़ काण्ड पीड़िता को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं| यह वही पीड़िता है जिसे कथित तौर पर हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बरला के पुत्र विकास बराला द्वारा प्रताड़ित किया गया था|

वो एक तस्वीर को सोशल मीडिया पर इस तरह से फैला रहे हैं जिससे यह सन्देश जाए कि यह पीड़ित लड़की आरोपी विकास बराला से पहले से ही परिचित है और यह कोई छेड़खानी का मामला नहीं है बल्कि दो दोस्तों के बीच आपसी नोक-झोंक का मामला है|


प्रशांत पटेल ने ट्वीट किया, "चंडीगढ़ में विकास बराला से आईएएस की पीडि़त बेटी की यह कहानी ठीक दिल्ली की जसलीन कौर और रोहतक बहनों की तरह सच कह रही है।" बीजेपी आईटी सेल के कई अन्य लोगों ने इस तस्वीर को उठाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।







यहां तक Narendra Modi – a hope for better India नामक एक फेसबुक पेज ने आरोपी लड़के के फोटो को पोस्ट कर उस पीड़िता और उसके दोस्त की फोटो के साथ तुलना कर दिया| जबकि एक सामान्य नजर से भी उन दोनों फोटो को देखें तो साफतौर पर दोनों फोटो में मौजूद लड़कों में फर्क देखा जा सकता है| यह स्पष्ट है कि उस फोटो में पीड़िता के साथ वाला लड़का विकास बराला नहीं है| 
जब फर्जी ख़बरों का भंडाफोड़ करने वाली साईट Alt News ने पीड़िता से बात की तो उन्होंने बताया कि यह काफी पुरानी तस्वीर है और इस तस्वीर में मौजूद लड़का विकास बराला नहीं है|
विडंबना से यह प्रशांत पटेल वही सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं जो पहले भी कई बार फर्जी फोटो फैलाते हुए पकड़े जा चुके हैं| 
उस लड़की को बदनाम करने की कोशिश यहीं तक खत्म नहीं हुई| कुलदीप बराला नाम एक व्यक्ति ने एक फोटो पोस्ट कर (जिसे अब डिलीट कर दिया गया है) यह दर्शाने की कोशिश की कि वह पीड़िता खुद गाड़ी चलाते वक्त नशे में थी| इस फोटो में टेबल पर बैठी हुई पीड़िता कुछ शराब के गिलास के साथ नजर आ रही है| दरअसल यह फोटो पीड़िता के फेसबुक एल्बम से डाउनलोड की गई है| जब Alt News ने पीड़िता से बात की तो उसने बताया यह तस्वीर कुछ महीने पुरानी है| 

ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले बीजेपी आईटी सेल की टीम ने डीयू में ABVP के गुंडागर्दी खिलाफ आवाज उठाने वाली कारगिल शहीद की बेटी गुरमेहर कौर के साथ ऐसा ही किया गया था| इनके द्वारा एक विडियो वायरल किया गया था जिसमें एक लड़की चलती गाड़ी में शराब के नशे में डांस करती हुई नजर आ रही थी| ऐसी हरक़तें करने का इनका यह मकसद होता है कि पीड़िता को शराबी और बदचलन घोषित कर बदनाम कर दो ताकि लोगों में यह सन्देश जाए कि जो भी लड़की के साथ हुआ वो इसी के लायक थी| चूँकि हमारे भारतीय में अधिकांश लोग शराब पीने वाली लड़की को गलत नजर से देखते हैं|

हरियाणा बीजेपी उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी का बयान कुछ इसी तरह की विचारधारा पर आधारित है| उन्होंने कहा कि इस हालत से बचा जा सकता था अगर पीड़िता रात में बाहर नहीं निकलती|

दरअसल इस तरह की मानसिकता बीजेपी के शीर्ष नेताओं में भी दिखती है| कुछ दिनों पहले चुनाव के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह बयान दिया था लड़कियों की आजादी को लेकर   



अब यह साफतौर पर देखा जा सकता है कि उस आरोपी लड़के को बचाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है| उस हादसे वाली रात के चंडीगढ़ हाईवे के CCTV फूटेज गायब हैं, FIR की धारा को बदलकर उस आरोपी को जमानत दे दिया गया और अब सोशल मीडिया के जरिये उस पीड़िता का चरित्र हनन किया जा रहा है|
ऐसे में सवाल उठता कि क्या उस पीड़ित लड़की को इंसाफ मिल पाएगा?       
   



Share Your Views Below In Comment Box


Powered by Blogger.