नितीश सरकार के 76% मंत्री दागी, महागठबंधन सरकार के मुकाबले कई ज्यादा

Photo Credit: Hindustan Times

बिहार की राजनीति इन दिनों बहुत गर्म है, पिछले हफ्ते बिहार में एक राजनैतिक भूचाल आया जब बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अचानक से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा की महागठबंधन में काम करना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनपे लगे आरोप बहुत गंभीर है और उनको सफाई देनी चाहिए थी पर उन्होंने आरोपों पर कोई उचित  नही दिया।


लेकिन सुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ दम भड़ने वाले नितीश कुमार अब खुद घिरते दिख रहे है। उनकी कैबिनेट में दागी मंत्रियों की भरमार है और परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप है।



मौजूदा सरकार के 29 में से 22 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि बीजेपी के साथ मिलकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी बिहार की नई सरकार के 75 प्रतिशत से ज्यादा मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

ADR रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में जेडीयू-बीजेपी-एलजेपी की मौजूदा सरकार के 29 में से 22 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि पिछली महागठबंधन सरकार में कुल 28 मंत्रियों में से 19 मंत्री दागी थे। बिहार एलेक्शन वॉच और एडीआर की ओर से मुख्यमंत्री सहित 29 मंत्रियों के चुनावी हलफनामे के विश्लेषण के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई।


22 में से नौ के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज

रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा सरकार के जिन 22 मंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं, उनमें नौ के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हत्या का आरोप दर्ज है।

बिहार कैबिनेट के कुछ दागी मंत्री और उनपे आरोप
विनोद नारायण झा - भाजपा
IPC- 307,379,147

राम नारायण मंडल - 
IPC-144,149,291

सुरेश कुमार शर्मा- भाजपा
IPC- 171H, 188

दिनेश कुमार यादव- जदयू
IPC- 188

रमेश ऋषिदेव - जदयू
IPC- 171H , 95


आठवी पास कैबिनेट 
नई सरकार के नौ मंत्रियों की शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास से लेकर 12वीं पास तक है, जबकि 18 मंत्री ग्रेजुएट या इससे ऊंची डिग्री वाले हैं|

नीतीश की कैबिनेट में 21 करोड़पति मंत्री 
बहरहाल नीतीश की अगुवाई वाली नई कैबिनेट में करोड़पतियों की संख्या घटकर 21 हो गई है, जबकि पिछली सरकार में इनकी संख्या 22 थी। 29 मंत्रियों की औसत संपत्ति 2.46 करोड़ रूपए है. 26 जुलाई को जेडीयू अध्यक्ष नीतीश ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे दो साल पुरानी महागठबंधन सरकार गिर गई थी. लेकिन इस्तीफे के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने बीजेपी और एलजेपी के साथ मिलकर नई सरकार बना ली।


परिवारवाद को बढ़ावा
लालू यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाले नितीश कुमार ने स्वयं इसे बढ़ावा देते दिख रहे हैं| रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है। हालांकि पारस अपना 2015  विधानसभा चुनाव हार गए थे और अभी वो किसी भी सभा के सदस्य नही है।




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